भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता का भारत-आसियान के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावो का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

 

महेश पाण्डेय1, डॉ प्रदीप कुमार सिंह2

1शोधार्थी, अर्थशास्त्र्ा विभाग, इलाहाबाद विश्वविधालय, प्रयागराज.

2असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र्ा विभाग, इलाहाबाद विश्वविधालय, प्रयागराज.

*Corresponding Author E-mail:

 

ABSTRACT:

आर्थिक एकीकरण के समझौता में हर आसियान सदस्य राष्ट्र ने व्यापारिक प्रशुल्क को कम करने को लेकर अलग-अलग राष्ट्रो के साथ अलग-अलग शर्तो का निर्धारण किया और साथ ही प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता के संदर्भ में अलग-अलग राष्ट्रो से अलग-अलग समय सीमा का भी निर्धारण किया। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रो के मध्य प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता को चरणबद्ध तरीके से लागु किया गया और वर्ष 2005 मेें इन राष्ट्रो के मध्य प्रशुल्क की दर जोें 3.11 थी, वे वर्ष 2017 में घटकर 0.20 हो गया। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रो ने अपने मुक्त व्यापार समझौता भागीदार भारत के साथ भी आयातो पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में कटौती के प्रतिबंद्धता का भी पालन किया है और आयातों पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में महत्वपूर्ण कमी की हैं।

 

KEYWORDS: आर्थिक एकीकरण, आसियान, प्रशुल्क, राष्ट्र, प्रतिबंद्धता, मुक्त व्यापार समझौता, भागीदार, आयात, निर्यात.

 


 


प्रस्तावना: -

दक्षिणी-पूर्वी एशिया के जैव-भू-राजनीतिक संगठन, जिसे आसियान के नाम से भी जाना जाता है, के 10 सदस्य राष्ट्रों ब्रुनेई, म्यांमार, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस पीडीआर, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैण्ड और वियतनाम के साथ भारत ने भारत-आसियान वस्तुगत मुक्त व्यापार समझौता ;प्दकव.।ैम्।छ थ्तमम ज्तंकम ।हतममउमदज पद ळववकेद्ध पर हस्ताक्षर वर्ष 2009 में किये और वर्ष 2010 में यह समझौता थाईलैण्ड, मलेशिया और सिंगापुर के साथ अमल में आया। आसियान एशिया में विकासशील देशों का एक जैव-भू-राजनीतिक संगठन है, यह सम्पूर्ण विश्व के 8.8 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। सम्पूर्ण विश्व के सकल धरेलु उत्पाद ;ळक्च्द्ध का 3.6 प्रतिशत और सम्पूर्ण विश्व के व्यापार का 7.0 प्रतिशत तथा सम्पूर्ण विश्व के 3.0 प्रतिशत क्षेत्रफल का आसियान प्रतिनिधित्व करता है। भारत और आसियान के मध्य व्यापार जो वर्ष 2004 में 16102 मिलियन न्ै $ का था, वर्ष 2018 तक बढ़कर 68352 मिलियन न्ै $ हो गया। ;ठनेपदमेे ैजंदकंतकद्ध की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 तक भारत-आसियान का व्यापार 300 बिलियन न्ै $ हो जाने की उम्मीद है।

 

भारत ने भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता के अन्तर्गत समझौते में हर आसियान सदस्य राष्ट्र के साथ प्रशुल्क की दरों को कम करने की प्रतिबद्धता को लेकर अलग-अलग राष्ट्रों के साथ अलग-अलग समझौता शर्तों का निर्धारण किया है। इसके साथ ही भारत ने इस प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता के लिए अलग-अलग राष्ट्रों के साथ अलग-अलग समय रेखा ;ज्पउम स्पदमद्ध का भी निर्धारण किया है।

 

आसियान राष्ट्रो के मध्य प्रशुुल्क कटौती की प्रतिबंद्धता:

आर्थिक एकीकरण के समझौता में हर आसियान सदस्य राष्ट्र ने व्यापारिक प्रशुल्क को कम करने को लेकर अलग-अलग राष्ट्रों के साथ अलग-अलग शर्तों का निर्धारण किया और साथ ही प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता के संदर्भ में अलग-अलग राष्ट्र से अलग-अलग समय सीमा का भी निर्धारण किया। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रों के मध्य प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता को चरणबद्ध तरीके से लागु किया गया और वर्ष 2005 में इन राष्ट्रों के मध्य प्रशुल्क की दर जो 3.11 प्रतिशत थी, वे वर्ष 2017 में घटकर 0.20 प्रतिशत हो गया। कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम ;ब्स्डटद्ध के मध्य औसत इन्टा प्रशुल्क की दरें जो वर्ष 2005 में 5.28 प्रतिशत थी, वह वर्ष 2017 में 0.46 प्रतिशत हो गयी, जबकि ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैण्ड ;।ैम्।छ.6द्ध के मध्य यह 1.87 प्रतिशत से घटकर 0.03 प्रतिशत हो गया। इसका एक संक्षिप्त विवरण हम इस सारणी के मध्यम से समझ सकते हैं-

 

Average intra-ASEAN Tariff in ASEAN (%) (2005-2017)

o"kZ

vkfl;ku (ASEAN)

CLMV

ASEAN-6

2005

3.11

5.28

1.87

2006

2.72

4.40

1.74

2007

2.58

4.44

1.32

2008

1.95

3.69

0.79

2009

1.65

3.00

0.79

2010

1.06

2.61

0.05

2011

0.96

2.47

0.05

2012

0.68

1.69

0.05

2013

0.55

1.37

0.04

2014

0.54

1.33

0.04

2015

0.23

0.55

0.03

2016

0.22

0.51

0.03

2017

0.20

0.46

0.03

Source : ASEAN secretariat

 

आसियान संगठन के 10 सदस्य राष्ट्रों के मध्य औसत इंन्ट्रा प्रशुल्क की दर गिर कर एक प्रतिशत से भी कम हो गया है। कंबोड़िया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम ने वर्ष 2005 से 2017 के मध्य आयातों पर प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता का सबसे अधिक पालन किया है, जिसका विवरण इस सारणी के माध्यम से भी स्पष्ट किया जा सकता है

 

Average intra-ASEAN Tariffs by Country (%)

Sl.No.

Country Name

Year (2005)

Year (2017)

1.

Brunei

1.27

0.00

2.

Cambodia

8.79

0.64

3.

Indonesia

1.96

0.03

4.

Lao PDR

4.45

0.37

5.

Malaysia

2.79

0.05

6.

Myanmar

4.55

0.20

7.

Philippines

2.49

0.11

8.

Singapore

0.00

0.00

9.

Thailand

2.54

0.01

10.

Vietnam

4.52

0.63

Source : ASEAN Secretariat

 

भारत और आसियान राष्ट्रों के मध्य प्रशुल्क कटौती की प्रतिबंद्धताः

आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रों ने अपने मुक्त व्यापार समझौता भागीदार भारत के साथ भी आयातों पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में कटौती के प्रतिबंद्धता का भी पालन किया है और आयातों पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में महत्वपूर्ण कमी की है, जिसका विवरण इस प्रकार है-

 

Average Tariffs on Imports from ASEAN FTA Partner, India (%)

Sl. No.

Country Name

Earliest Year*

Latest Year**

1.

Brunei

8.10

0.22

2.

Cambodia

12.54

2.30

3.

Indonesia

5.99

2.96

4.

Lao PDR

37.85

14.23

5.

Malaysia

5.64

1.26

6.

Myanmar

8.19

4.53

7.

Philippines

5.89

1.44

8.

Singapore

0.1

0.00

9.

Thailand

7.08

1.99

10.

Vietnam

11.69

2.59

Source : worldbank.org

*Earliest Year – Brunei, Indonesia, Lao PDR, Singapore, Thailand and Vietnam (2005), Malaysia (2006), Cambodia, Myanmar and Philippnes (2007)

**Latest Year – Indonesia (2012), Brunei, Cambodia and Malaysia (2014), Lao PDR, Myanmar, Philippines, Singapore, Thailand and Vietnam (2015).

 

आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौता के अन्तर्गत प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता की अनुसूची

भारत और आसियान राष्ट्रों के मध्य होने वाले मुक्त व्यापार समझौता के अन्तर्गत प्रशुल्क की दरों में कटौती के प्रतिबंद्धता के संदर्भ में दो बातें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है-

 

प्रथम, यह है कि भारत और आसियान के मध्य मुक्त व्यापार समझौता में प्रशुल्क की दरों में कटौती उत्पाद की आधार दर पर तय होनी है और उत्पाद की आधार दर वो है, जो वर्ष 2007 में उत्पाद की लागु दर थी। प्रशुल्क की दरों में कटौती के संदर्भ में निर्धारित यह प्रक्रिया विश्व व्यापार संगठन ;ॅज्व्द्ध के प्रशुल्क कटौती की प्रक्रिया से पूर्णतः भिन्न है।

 

द्वितीय, विश्व व्यापार संगठन के प्रावधानों के अन्तर्गत जब कुछ राष्ट्र मिलकर कोई मुक्त व्यापार क्षेत्र स्थापित करते हैं, तो उनके मध्य प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता के संदर्भ में सहमति बनाने के लिए रेफरेंस रेट हमेशा बाउट रेट होता है, जो परम अनुग्रहित राष्ट्र ;डवेज थ्ंअवनतमक छंजपवद.डथ्छद्ध के तहत किसी उत्पाद का अधिकतम दर होता है। इस प्रकार अगर देखा जाये तो सभी मामलों में आधार दर बाउट रेट की तुलना में हमेशा काफी कम होती है। इसे एक उदाहरण से भी समझा जा सकता है, जैसे सकल घरेलु उत्पाद स्थिर मूल्यों पर वर्तमान मूल्य के सवाल घरेलु उत्पाद से हमेशा कम होता है।

 

आधार दर और बाउंट दर में इस प्रकार के अंतर के कारण भारत और आसियान राष्ट्रों के मध्य होने वाले वस्तुगत मुक्त व्यापार समझौता से उतना लाभ होने की उम्मीद कम है, जितनी आशा इस समझौते से किया गया था। अगर कृषि क्षेत्र की बात किया जाये तो इस समझौता से कृषि उत्पादों पर और नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि कृषि में प्रशुल्क की कटौती का परिणाम बहुत तेजी से दिखाई पड़ने लगता है। भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता के अन्तर्गत समझौते में प्रशुल्क की श्रंृृखलाओं को चार श्रंृखलाओं में बाँटा गया है, जिसमें पहला , सामान्य ट्रेक, दूसरा, संवेदनशील ट्रेक, तीसरा, विशेष उत्पाद और चौथा, अतिसंवेदनशील उत्पादों का समूह। इन सभी के अलावा एक ऐसी रियायत सूची भी है, जिसमें कुछ उत्पादों को विशेष राहत दिया गया है। इन सभी का विवरण इस सारणी के माध्यम से भी स्पष्ट किया जा सकता है-

 

Tariff Reduction Schedule

Sl.No.

Category

Duty to be cut to in %

Duty cuts to be achieved by year

Share in total products trade in %

a.

Normal track

1. Normal track-1

2. Normal track-2

0

 

31, Dec. 2013

31, Dec. 2016

 

80%

b.

Sensitive track

5

31, Dec. 2016

10%

c.

Special Products (CPO, RPO, Coffee, Black Tea and Pepper)

-

-

-

d.

Highly sensitive list

30-45

31, Dec. 2019

10%

e.

Exclusion list

-

-

-

Source : Indo-ASEAN agreement, ministry of commerce.gov.in

 

AIFTA Preferential Tariffs by Year

Tariff Line

Base Rate

AIFTA Preferential Tariffs by Year

2010

2011

2012

2013

2014

2015

2016

2017

2018

2019

31.12.2019

CPO

80

76

72

68

64

60

56

52

48

44

40

37.5

RPO

90

86

82

78

74

70

66

62

58

54

50

45

Coffee

100

95

90

85

80

75

70

65

60

55

50

45

Black Tea

100

95

90

85

80

75

70

65

60

55

50

45

Pepper

70

68

66

64

62

60

58

56

54

52

51

50

Source : ASEAN-India FTA Agreement, www.asean.org.in

 

अध्ययन कार्य का उद्धेश्यः

भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता का भारत-आसियान के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का परीक्षण करना।

 

परिकल्पनाः-

H0: भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता का भारत और आसियान के व्यापार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

H1ःः भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबंद्धता का भारत और आसियान के व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।

 

अनुसंधान डिजाइन और क्रियाविधिः-

अनुसधान क्रियाविधि अध्ययन में उपयोग किये गये सैद्धातिक ढाँचा की व्याख्या करने मेें सहायता करता है। यह अध्ययन के विभिन्न पक्षो को समझने और अध्ययन उद्धेश्यों की व्याख्या करने के लिए सिद्धांतो का एक सेट प्रदान करता है। मेरे द्वारा किया जाने वाला यह कार्य द्धितीय आँकड़ों पर आधारित है, अतः आँकड़ों का संग्रह और प्रतिदर्श का चुनाव द्धितीय आँकड़ो के आधार पर विभिन्न प्रकाशित स्त्र्ाोतो से किया गया है। इस अनुसंधान कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए इसके आतरिक्त निम्न क्रियाविधि को अपनाया गया है, जिनका विवरण इस प्रकार है-

 

अध्ययन में उपयोग किये जाने वाले द्वितीय आँकड़ो को प्रमुख रुप से विभिन्न प्रकाशित लेखों, पुस्तकों, समाचार पत्रो, पत्र-पत्रिकाओं और बेबसाइट से संग्रह किया गया है। इन द्वितीय आँकडो को प्राप्त करने का प्रमुख स्त्र्ाोत वाणिज्य मंत्र्ाालय का आँनलाइन डेटाबेस, भारत सरकार के विभिन्न प्रकाशन, आसियान संारिव्यकीय वार्षिक पत्र्ािका, भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता  चार्टर और भारत-सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण रहा है।

 

आँकड़ो के विश्लेषण के लिए विभिन्न प्रकार के संारिव्यकीय तकनीकी जैसे- माध्य, प्रतिशत, चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (बवउचवनदक ंददनंस हतवूजी त्ंजम.ब्।ळत्) आदि कई संारिव्यकीय तकनीकों का उपयोग करके प्रासंगिक उद्धेश्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया गया है ताकि इस अध्ययन कार्य को संारिव्यकीय कसौटी के आधार पर भी संगत ठहराया जा सके। अध्ययन में मूल्यों को मिलियन अमेरिकी डॉलर में व्यक्त किया गया है, जिससें आँकड़ों के विश्लेषण में सुविधा हो।

 

साहित्य की समीक्षाः

प्रकाश नंदा (2003) ने अपने अध्ययन में शीत युद्ध का पूर्व की ओर देखो नीति’’ पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन ने शीत-युद्ध काल में दक्षिणी-पूर्वी एशिया में भारत के लिए उत्पन्न अवसरों का भी विश्लेषण किया है।

 

स्नेहलता पाण्डेय (2011) ने अपने लेख में इस बात का अनुभव किया कि पूर्व की ओर देखों नीति’’ ने भारत के आर्थिक और रणनीतिक भागीदारी को आसियान राष्ट्रों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया, अमेरिका और यूरोप तक बढ़ाया है। पूर्व की ओर देखो नीति का आधारभूत संरचना के विकास और उत्तरी-पूर्वी भारतीय राज्यों के आर्थिक विकास में सकारात्मक योगदान रहा है। लेखिका के अनुसार यद्यपि की भारत-आसियान के आर्थिक एकीकरण में अनेक समस्यायें और चुनौतियाँ है, परन्तु संयुक्त राष्ट्र संघ में एशिया के सक्रिय भागीदारी के लिए इसका एकीकरण अनिवार्य है।

 

एस0डी0 मुनी (1990) ने अपने लेख ष्ैवनजी.ैवनजी ब्व.वचमतंजपवद पद ैवनजीमतद ।ेपंष् में तीसरी दुनिया के विकास और दक्षिण-दक्षिण आर्थिक सहयोग में क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका का वर्णन किया। इन्होंने अपने लेख में एशिया के विकास में सार्क और आसियान के एकीकरण के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया।

 

पनगढ़िया (2000) इनका अध्ययन बहुपक्षीय व्यापार उदारीकरण का एक सैद्धान्तिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इन्होंने अपने अध्ययन में यह पाया कि मुक्त व्यापार समझौता भागीदार राष्ट्रों के मध्य व्यापार को विचलित करता है और कल्याण को घटाता है। यह लेख मुक्त व्यापार समझौता से होने वाली हानियों को कम करने का तरीका भी सुझाता है। यह लेख ळ।ज्ज् समझौता के अनुच्छेद ग्ग्प्ट में भी परिवर्तन की बात करता।

 

हरिलाल (2010) ने भी 2010 में कुछ इसी प्रकार का अध्ययन किया और भारत-आसियान के मुक्त व्यापार समझौता का दक्षिण भारत के केरल राज्य की अर्थवयवस्था पर इसके प्रभावों का विश्लेषण किया। वास्तव में केरल और तटीय क्षेत्रों के अनेक भारतीय राज्यों तथा दक्षिण-पूर्वी एशिया के राष्ट्रों में अनेक समानतायें पायी जाती है, जैसे- इन दोनों क्षेत्रों की जलवायु मानूसनी प्रकार की है, दोनों क्षेत्रों में कृषि कार्य प्राथमिकता से किया जाता है तथा दोनों क्षेत्रों में ही प्रमुख रूप से बागवानी फसलों जैसे-चाय, मसाला, काफी और रबर का उत्पादन किया जाता है। इससे इन दोनों क्षेत्रों में कृषि और उससे सम्बन्धित अन्य क्रियाओं में समानता पायी जाती है। इस प्रकार भारत की प्रशुल्क कटौती की प्रतिबंधता और ‘‘उत्पत्ति के नियम ;त्नसमे िवतपहपद.त्ववद्ध के प्रावधान, जिसका पालन सभी मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने वालों को करना पड़ता है, ने केरल की व्यापार की शर्तों को आसियान के साथ नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इस प्रकार वस्तुओं के प्रतियोगी प्रवृत्ति के कारण केरल को मुक्त व्यापार समझौता से कोई विशेष लाभ नहीं मिला है।

 

ली और लेवी (2007) ने भी वर्ष 2007 में भारत-आसियान मुक्त व्यापार-समझौता का अध्ययन किया और पाया कि यद्यपि भारत और आसियान वस्तुओं और सेवाओं के संदर्भ में भले ही मुक्त व्यापार समझौता के बाद तुलनात्मक लाभ की स्थिति में है, किन्तु इन दोनों क्षेत्रों में क्रय शक्ति समता ;च्नतबींेपदह च्वूमत च्ंतपजल.च्च्च्द्ध तुलनात्मक रूप से कमजोर है, अतः इन क्षेत्रों के मध्य वित्तीय बाजार के एकीकरण की संभावना कम ही है, जबकि व्यापार उदारीकरण के सबसे अधिक लाभ वित्तीय बाजार के एकीकरण में ही है।

 

सेन, आशेर और राजन (2004) ने भारत-आसियान आर्थिक सम्बन्धों के भविष्य का अध्ययन किया और इसकी सफलता और असफलता के बिन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और सुझाव दिया कि इन दोनों क्षेत्रों के मध्य आर्थिक सहयोग, आर्थिक विकास की अपार संभावनाओं को जम्न देगा। यूरोपीय आर्थिक संघ के बाद यह क्षेत्र विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक संघ होगा और भविष्य में इसके यूरोपीय संघ से भी आगे निकल जाने की संभावना है।

 

परिकल्पना परिक्षणः-

परिकल्पना

भ्व् रू भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व और बाद भारत-आसियान के मध्य होने वाले आयात और निर्यात की मात्रा पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

भ्1 रू भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व और बाद भारत-आसियान के मध्य होने वाले आयात और निर्यात की मात्रा पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।

 

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत और आसियान के मध्य मुक्त व्यापार समझौता 13 अगस्त 2009 को हुआ और 1 जनवरी 2010 से यह अमल में लाया गया, अतः इस भाग में हम अपने सम्पूर्ण अध्ययन को दो भागों में बाँट कर अध्ययन करेंगे। पहले भाग में वर्ष 2001-02 से वर्ष 2009-10 तक के 10 वर्षों के आँकड़ों का अध्ययन किया जायेगा, इसके बाद वित्तीय वर्ष 2009-10 में इस समझौता के हो जाने के बाद भारत से आसियान को किये जाने वाले निर्यात तथा आयातों का अध्ययन किया जायेगा।

 

भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व और बाद भारत से आसियान को निर्यात और आसियान से आयात

 

India's Export to and Import from ASEAN Countries, Before Indo-ASEAN Free Trade Agreement in US $ Million

Sl.No.

Year

India's Exports to ASEAN

India's Import from ASEAN

1.

2001-02

3457.01

4387.22

2.

2002-03

4618.54

5150.17

3.

2003-04

5821.71

7433.11

4.

2004-05

8425.89

9114.66

5.

2005-06

10411.30

10883.67

6.

2006-07

12607.43

18108.48

7.

2007-08

16413.52

22674.81

8.

2008-09

19140.63

26202.96

9.

2009-10

18113.71

25797.96

Source : Export-Import Data Bank, Ministry of Commerce, Government of India

 

India's Export to and Import from ASEAN Countries, After Indo-ASEAN Free Trade Agreement in US $ Million

Sl.No.

Year

India's Exports to ASEAN

India's Import from ASEAN

1.

2010-11

25627.89

30607.96

2.

2011-12

36744.35

42158.84

3.

2012-13

33008.21

42866.36

4.

2013-14

33133.55

41278.09

5.

2014-15

31812.58

44714.77

6.

2015-16

25133.37

39901.60

7.

2016-17

30961.62

40617.31

8.

2017-18

342033.70

47133.69

9.

2018-2019

37471.14

59315.59

Source : Export-Import data bank, ministry of Commerce, government of India

 

 

India's Export to and Import from ASEAN Countries, before Indo-ASEAN free trade agreement in US $ Million (CAGR)

2001-02, 2009-10

2001-02, 2009-10

CAGR

India's Export to ASEAN

India's Import from ASEAN

2009-10/2001-02

3457.01-18113.71

 

20.21%

 

4387.22-25797.96

21.76%

Source : Export-Import data bank, ministry of Commerce and author own calculation

 

India's Export to and Import from ASEAN Countries, After Indo-ASEAN Free Trade Agreement in US $ Million (CAGR)

2010-11, 2018-19

2010-11, 2018-19

CAGR

India's Export to ASEAN

India's Import from ASEAN

2018-19/2010-11

25627.89-37471.14

 

4.31%

 

30607.96-59315.59

7.63%

Source : Export-Import Data Bank, Ministry of Commerce and author own calculation

 

जैसा कि हमें इस बात का ज्ञान है कि भारत और आसियान के मध्य मुक्त व्यापार समझौता 13 अगस्त 2009 को हुआ और यह 1 जनवरी 2010 से प्रभाव में आया। इसलिए हमने अपने इस सम्पूर्ण अध्ययन को दो भागों में बाँट दिया है, जिसके पहले भाग में वर्ष 2009 में भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व के 9 वर्षों के आँकड़ों और दूसरे भाग में वर्ष 2009 में समझौता होने के बाद 9 वर्षों के आँकड़ों के आधार पर यह जानने का प्रयास किया गया है कि समझौता का दोनों पक्षों के व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा है।

 

इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु ष्जष् परीक्षण का उपयोग हम करेंगे ताकि यह जाना जा सके कि वर्ष 2009 में मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व और बाद व्यापार की दिशा में किसी प्रकार का परिवर्तन हुआ।

 

दो प्रतिदर्श-माध्यों के अन्तर का सार्थकता-परीक्षण ;ैपहदपपिबंदबम जमेज िजीम कपििमतमदबम इमजूममद जूव ैंउचसम उमंदद्धरू

दो छोटे आकार के प्रतिदर्शों के माध्यों के बीच पाये जाने वाले अन्तर की सार्थकता की जाँच करने का हमारा उद्देश्य केवल यह मालूम करना होता है कि क्या इन दोनों प्रतिदर्श माध्यों में अन्तर सार्थक है अथवा अर्थहीन अर्थात क्या दोनों प्रतिदर्श एक ही मूल-समग्र में से चुने गये हैं या अलग-अलग समग्रों में से। इस परीक्षण के लिए प्रमाप विचलन ;ैद्ध एवं टी ;जद्ध के परिकलन का सूत्र निम्न दिया जा रहा है-

 

जहाँ,

पहले प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य

दूसरे प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य

पहले प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों का योग।

दूसरे प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों का योग।

पहले प्रतिदर्श में इकाइयों की संख्या

दूसरे प्रतिदर्श में इकाइयों की संख्या

 

Hkkjr dk vkfl;ku dks fu;kZr (Group Statistics)

VAR 00001

N

Mean

Std Deviation

Std. error mean

Before IAFTA India's Export

9

11001.0822

5917.89419

1972.63140

After IAFTA India's Export

9

66214.0456

103518.77748

34506.25916

Source : Author's own Calculation by SPSS

 

 

Independent Sample "t" Test

 

Levene's Test for Equality of Variance

"t" test for equlity of means

Equal Variances Assumed

4.398

0.52

-1.597

16

0.130

-55212.963

34562.598

12848.2

18056.4

Equal Variances not Assumed

 

 

-1.597

8.05

0.149

-55212.963

34562.598

134824.4

24398.5

Source : Author's own Calculation by SPSS

 

जैसा कि हम देख सकते हैं कि भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व 9 वर्षों के भारत के आसियान को निर्यात के आँकड़े तथा भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद 9 वर्षों के भारत के आसियान को निर्यात के आँकड़े अध्ययन के लिए उपयोग किये गये हैं। भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व के 9 वर्षों के निर्यातों का माध्य 11001.08 है और इसका प्रमाप विचलन 5917.89 है साथ ही इसका मानक त्रुटि ;ैजंदकंतक म्ततवतद्ध 1972.63 है। इस प्रकार उपरोक्त सारणी के विश्लेषण से स्पष्ट है कि भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व तथा बाद के निर्यातों का माध्य अलग-अलग है। भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद निर्यातों के 9 वर्षों का माध्य 66214.04 है जो भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व निर्यातों के 9 वर्षों के माध्य 11001.08 से अधिक है।

 

चूँकि 5 सार्थकता स्तर पर कण् िके 16 मान के लिए ष्जष् का सारणी मूल्य 2.119 दिया हुआ है, जबकि ष्जष् का संगणित मूल्य -1.59 है जो कि सारणी मूल्य से बहुत कम है। इससे हम कह सकते हैं कि इन दोनों माध्यों का अन्तर अर्थहीन है और हमारी भ्व् परिकल्पना सत्य है जबकि भ्1 परिकल्पना असत्य है अर्थात भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद भारत और आसियान के मध्य होने वाले निर्यात के संदर्भ में भारत के पक्ष में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है परन्तु इससे स्पष्ट होता है कि इस नीति के लागू होने के बाद इससे भारत को उतना लाभ नहीं हुआ जितना की आशा व्यक्त किया गया था। जैसा कि ब्।ळत् सारणी में स्पष्ट है कि इस समझौता के होने के पूर्व निर्यातों में 20ण्21 और आयातों में 21ण्76 की वृद्धि साल दर साल हुई जबकि इस समझौता के बाद निर्यातों में मात्र 4ण्31 और आयातों में 7ण्63 की ही वृद्धि साल दर साल हुई।

 

भारत का आसियान से आयात (Group Statistics)

 

N

Mean

Std Deviation

Std. error mean

Before IAFTA India's Import

9

14417.004

8846.596

2948.865

After IAFTA India's Import

9

43177.134

7570.289

2523.429

Source : Author's own Calculation by SPSS

 

Independent Sample Test

 

Levene's Test for Equality of Variance

"t" test for equality of means

 

F

Sig

t

df

Sig

(2 tailed)

Mean Difference

Std Error Difference

95% Confidence Interval of the Difference

Equal Variances Assumed

1.968

0.180

-7.410

16

0.00

28760.13

3881.17

36987.84

20532.41

Equal Variances and not assumed

 

 

-7.410

15.62

0.00

28760.13

3881.17

37003.85

20516.40

Source : Author's own Calculation by SPSS

 

जैसा कि हम देख सकते हैं कि भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व 9 वर्षों के भारत के आसियान से आयात के आँकड़े तथा भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद 9 वर्षों के भारत से आसियान के आयात के आकँड़े विश्लेषण के लिए गये हैं। भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व के 9 वर्षों के आयातों का माध्य 14417.00 है और इसका प्रमाप विचलन 8846.59 है साथ ही इसका मानक त्रुटि (Standard error) 2948.86 है। इस प्रकार उपरोक्त सारणी के विश्लेषण से स्पष्ट है कि भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व तथा बाद के आयातों का माध्य अलग-अलग है। भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद आयातों के 9 वर्षों का माध्य 43177.13 है जो भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता होने के पूर्व आयातों के 9 वर्षों के माध्य 14417.00 से अधिक हैं। इसके साथ ही हम यह भी देख सकते हैं कि 5 सार्थकता-स्तर पर कण् िके 16 मान के लिए ष्जष् का सारणी मूल्य 2.119 दिया हुआ है, जबकि ष्जष् का संगणित मूल्य .7ण्410 है, जो कि सारणी मूल्य से बहुत कम है। इससे हम कह सकते हैं कि इन दोनों माध्यों का अन्तर अर्थहीन है और हमारी भ्व् परिकल्पना सत्य है, जबकि H1 परिकल्पना असत्य है अर्थात भारत-आसियान के मध्य होने वाले मुक्त व्यापार समझौता के लागू होने के पूर्व और बाद भारत और आसियान के मध्य होने वाले आयात के संदर्भ में भारत के पक्ष में कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। मुक्त व्यापार समझौता के बाद भारत के आसियान से होने वाले आयातों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। जैसा कि CAGR सारणी से स्पष्ट है कि इस समझौता के बाद निर्यातों में जहाँ साल दर साल मात्र 4ण्31 की वृद्धि हुई वहीं आयातों में साल दर साल 7ण्63 की वृद्धि देखने को मिलती है।

 

अध्ययन का उद्देश्यः

भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता (Commitment) का भारत-आसियान के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का परीक्षण करना।

 

परिकल्पना

HO : भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का भारत और आसियान के व्यापार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

H1 : भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का भारत और आसियान के व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।

भारत-आसियान मुक्त व्यापार के अन्तर्गत समझौते में प्रशुल्क की श्रंृखलाओं को चार श्रंखलाओं में बाँटा गया है, जिसमें पहला है, सामान्य ट्रेक (Normal Track), दूसरा संवेदनशील ट्रेक (Sensitive Track), तीसरा विशेष उत्पाद (Special Products, - CPO, RPO, Coffee, Black Tea, Pepper), चौथा अतिसंवेदनशील उत्पादों की सूची ;भ्पहीसल ैमदेपजपअम सपेजद्ध। इन सभी के अलावा एक ऐसी रियायत सूची भी है, जिसमें कुछ उत्पादों को विशेष राहत दिया गया है। इन सभी का विवरण इस सारणी के माध्यम से भी स्पष्ट किया जा सकता है-

 

Tariff Reduction Schedule:

Sl.No.

Category

Duty to be cut to in %

Duty cuts to be achieved by year

Share in total Products Trade in %

a.

Normal track

1. Normal Track-1

2. Normal Track-2

0

31, Dec. 2013

31, Dec. 2016

80%

b.

Sensitive Track

5

31, Dec. 2016

10%

c.

Special Products (CPO, RPO, Coffee, Black Tea, Pepper)

-

-

-

d.

Highly Sensitive List

30-45

31, Dec. 2019

10%

e.

Exclusion List

 

-

-

Source : ASEAN Secretariat, www.asean.org

 

आर्थिक एकीकरण के समझौता में हर आसियान सदस्य राष्ट्र ने व्यापारिक सीमा शुल्क को कम करने को लेकर अलग-अलग राष्ट्रों के साथ अलग-अलग समझौता शर्तों का निर्धारण किया और साथ ही सीमा शुल्क कटौती के प्रतिबद्धता के संदर्भ में अलग-अलग राष्ट्र से अलग-अलग समय सीमा का भी निर्धारण किया। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रों के मध्य सीमा शुल्क कटौती के प्रतिबद्धता को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया और वर्ष 2005 में इन राष्ट्रों के मध्य सीमा शुल्क की दर जो 3ण्11 था, वो वर्ष 2017 में घटकर 0ण्20 हो गया। कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम (CLMV) के मध्य औसत इन्ट्रा सीमा शुल्क की दरें जो वर्ष 2005 में 5ण्28 थी, वह वर्ष 2017 में 0ण्46 हो गया, जबकि ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैण्ड (ASEAN-6) के मध्य यह 1ण्87 से घटकर 0ण्03 हो गया।

 

आसियान संगठन के 10 सदस्य राष्ट्रों के मध्य औसत इंन्ट्रा सीमा शुल्क की दर गिर कर एक प्रतिशत से भी कम हो गया है। कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम ने वर्ष 2005 से 2017 के मध्य आयातों पर सीमा शुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का सबसे अधिक पालन किया है। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रों ने अपने मुक्त व्यापार समझौता भागीदार भारत के साथ भी आयातों पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में कटौती प्रतिबद्धता का भी पालन किया है और आयातों पर लगने वाले प्रशुल्क की दरों में महत्वपूर्ण कमी की है, जिसका विवरण इस प्रकार है-

 

आसियान के सदस्य राष्ट्रों और आसियान के एफ0टी00 भागीदार भारत के साथ औसत प्रशुल्क

Sl. No.

Country Name

Average Intra-ASEAN Tariff by Country (%)

Average tariffs on Imports from ASEAN FTA Partner, India (%)

Year (2005)

Year (2017)

Earliest Year*

Latest Year**

1.

Brunei

1.27

0.00

8.10

0.22

2.

Cambodia

8.79

0.64

12.54

2.30

3.

Indonesia

1.96

0.03

5.99

2.96

4.

Lao PDR

4.45

0.37

37.85

14.23

5.

Malaysia

2.79

0.05

5.64

1.26

6.

Myanmar

4.55

0.20

8.19

4.53

7.

Philippines

2.49

0.11

5.89

1.44

8.

Singapore

0.00

0.00

0.1

0.00

9.

Thailand

2.54

0.01

7.08

1.99

10.

Vietnam

4.52

0.63

11.69

2.59

Source : ASEAN Secretariat and worldbank.org

 

दो प्रपिदर्श-माध्यो के अन्तर का सार्थकता-परीक्षण ¼Significance test of the difference between two sample means½

 

जहाँ,

पहले प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य

दूसरे प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य

पहले प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों का योग।

दूसरे प्रतिदर्श के लिए समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों का योग।

पहले प्रतिदर्श में इकाइयों की संख्या

दूसरे प्रतिदर्श में इकाइयों की संख्या

 

स्वतंत्र नमूना परीक्षण

Sl. No.

in

fopyu

fopyuksa dk oxZ

in

fopyu

fopyuksa dk oxZ

 

 

 

 

 

 

 

1.

0.00

-0.2

0.04

0.22

-2.93

8.58

2.

0.64

0.44

0.19

2.30

-0.85

0.72

3.

0.03

-0.17

0.02

2.96

-0.19

0.03

4.

0.37

0.17

0.02

14.23

11.08

122.76

5.

0.05

-0.15

0.02

1.26

-1.89

3.57

6.

0.20

0.00

0.00

4.53

1.38

1.90

7.

0.11

-0.09

0.00

1.44

-1.71

2.92

8.

0.00

-0.20

0.04

0.00

-3.15

9.92

9.

0.01

-0.19

0.03

1.99

-1.16

1.34

10.

0.63

0.43

0.18

2.59

-0.56

0.31

 

 

 

 

 

 

 

 

चूँकि 5 सार्थकता-स्तर पर कण् िके 18 मान के लिए ष्जष् का सारणी मूल्य 2.101 होता है, जबकि ष्जष् का संगणित मूल्य -2.2 है, जो कि सारणी मूल्य से बहुत कम है, अतः इन दोनों माध्यों का अन्तर अर्थहीन है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि प्रशुल्क कटौती का जितना पालन आसियान राष्ट्रों ने स्वयं के लिए किया है, भारत के साथ उतनी प्रशुल्क कटौती नहीं हुई है और इस प्रशुल्क कटौती से भारत को उतना लाभ नहीं हुआ है, जितना आसियान के स्वयं राष्ट्रों को हुआ है। आसियान राष्ट्रों के मध्य औसत प्रशुल्क मात्र 0ण्20 है, जबकि भारत के साथ 3.15 है। इससे हम कह सकते है कि हमारी भ्व् परिकल्पना सत्य है, जबकि भ्1 परिकल्पना असत्य है अर्थात भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का भारत और आसियान के मध्य होने वाले व्यापार के सदंर्भ में भारत के पक्ष में कोई विशेष सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।

 

अध्ययन के नतीजे

आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रो के मध्य सीमा शुल्क कटौती के प्रतिबंधता को चरणबद्व तरीके से लागु किया गया और वर्ष 2005 में इन राष्ट्रो के मध्य प्रशुल्क की दर जो 3.11 था वह वर्ष 2017 में धटकर मात्र्ा 0.20 हो गया। ASEAN-6 (ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैण्ड) ने इस प्रतिबद्धता का सबसे अधिक पालन किया और इनके मध्य औसत इन्ट्र प्रशुल्क वर्ष 2017 तक धटकर 0.03 हो गया। आसियान संगठन के 10 सदस्य राष्ट्रो के मध्य औसत इन्ट्रा प्रशुल्क की दर गिर कर एक प्रतिशत से भी कम हो गया है। आसियान राष्ट्रो के मध्य वर्ष 2017 में इन्ट्रा प्रशुल्क की दर 0.20 है जबकि आसियान से भारत के द्वारा किये जाने वाल के आयातो पर औसत प्रशुल्क की दर 3.15 है जो कि इन्ट्रा प्रशुल्क की दर से अधिक है अर्थात आसियान से भारत द्वारा किये जाने वाले आयातों पर लगभग तीन गुना प्रशुल्क की दर ज्यादा है। इस आधार पर हम कह सकते है कि प्रशुल्क कटौती का जितना पालन आसियान राष्ट्रो ने स्वंय के लिए किया, भारत के साथ उतनी प्रशुल्क कटौती नहीं हुई है और इस प्रशुल्क कटौती से भारत को उतना लाभ नहीं हुआ, जितना आसियान के स्वंय राष्ट्रो को हुआ है। अर्थात भारत के प्रशुल्क कटौती के प्रतिंबद्धता का भारत और आसियान के मध्य होने वाले व्यापार के संदर्भ में भारत के पक्ष में कोई विशेष सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा और जैसा कि जैकब वाइनर ने कहा था कि जब दो पक्षों/क्षेत्र्ाो के मध्य सीमा संध या मुक्त व्यापार समझौता होता है और प्रशुल्क की दरो में कमी की जाती है तो इससे दोनो पक्षो के मध्य व्यापार सृजन ¼Trade creation½ होता है, जबकि भारत और आसियान के संदर्भ में प्रशुल्क कटौती के बाद व्यापार सृजन होकर व्यापार विचलन ¼Trade diversion½ हो रहा है।

 

सुझावः-

आसियान राष्ट्रो के मध्य प्रशुल्क की दर जो वर्ष 2005 में 3.11 थी वह वर्ष 2017 में धटकर मात्र्ा 0.20 ही रह गया। ASEAN-6 ने इस प्रतिबद्धता का सबसे अधिक पालन किया और इनके मध्य औसत इन्ट्रा प्रशुल्क वर्ष 2017 तक घटकर मात्र्ा 0.03 ही रह गया। आसियान के 10 सदस्य राष्ट्रो के मध्य औसत इन्ट्रा प्रशुल्क की दर गिरकर एक प्रतिशत से भी कम हो गया हैै। आसियान राष्ट्रो के मध्य वर्ष 2017 में इन्ट्रा प्रशुल्क की दर 0.20 थी जबकि भारत द्वारा आसियान से किये जाने वाले आयातो पर औसत प्रशुल्क की दर 3.15 था, अर्थात प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का जितना पालन आसियान राष्ट्रो ने स्वंय के लिए किया, भारत के साथ उतना प्रतिबद्धता का पालन नहीं हुआ। इस संदर्भ में कहा जा सकता है कि यदि भविष्य में आसियान के सदस्य राष्ट्र इस प्रतिबद्धता का भारत के संदर्भ में भी और अधिक उदारता से पालन करते है तो दोनो पक्षो के मध्य व्यापार विचलन (Trade diversion) के स्थान पर व्यापार सृजन (Trade creation) होगा।

 

अध्ययन कार्य के भविष्य के आयाम

विशेष उत्पादों की सूची के अलावा सामान्य टेª-1 तथाा सामान्य टेª-2 जिनके अन्तर्गत भारतीय व्यापार का 80 प्रतिशत हिस्सा आता है, और संवेदनशील टेª और अति संवेदनशील ट्रेक के अन्तर्गत आने वाली वस्तुओं के संदर्भ में प्रशुल्क कटौती के प्रतिबद्धता का विश्लेषण आने वाले समय में अन्य शोधकर्ताओं द्वारा किया जा सकता है, जिन पर बहुत कम कार्य हुआ है।

 

संदर्भ और प्रकाशनों की सूचीः

1.      पी., अरुणाचलाम ¼2011½] "Indo ASEAN free trade agreement : Challenges and Opportunities" Serials Publication, ISBN 978-81-8387-438-0, www.searialspublications.com, email:serials@satyam.net.in

2.      चौधरी और सारिका ¼2013½] "India and ASEAN Trade: An Overview". International Journal of Social Science and Interdisciplinary Research. Vol. 2(2), ISSN 22773630.

3.      एलिस, क्रिस डेवोनशायर ¼2014½] "Understanding ASEANS'S Free trade agreement" ASEAN Briefing,Feb., 13, 2014.

4.      संत राम सैनी और डॉ. कमल अग्रवाल ¼2021½] "India's trade Potential with ASEAN: An Assessment" 2021 JETIR, July 2021, Vol.-8, Issue-7, www.jetir.org (ISSN: 2349-5162)

5.      फॉक्स, डब्ल्यू जेम्स ¼2004½] "An evaluation of trade Capacity Building Programs : Regional trade agreement : A tool for development?" Bureau for Policy and Program Coordination, USAID PPC working Paper No. 15.

6.      झा, सेजुति ¼2011½] "Utility of Regional trade agreements: Experience from India's Regionalism" Asia Pacific Research and Training Network on trade, Working Paper Series No. 99.

7.      कोहपाईबून अर्चनू, रामासामी बाला, नाग बिस्वाजी और अन्य ¼2011½] "The Role of Regional trade agreement in International Production Network in Asia – A Study of Asia-Pacific Research and Training Network on Trade" United Nations ESCAP 2011, 244 pp. ISBN: 978-92-1-120620-3.

8.      लिंच, . डेविड ¼2010½] "Trade and Globalization : An Introduction to Regional trade agreements" Rawman and little field Publishers, united Kingdom. ISBN 978-0-7425-6690-3.

9.      एच. जी. मन्नूर ¼2008½] ^^अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीति**] i`0 55-

10.   एच. जी. मन्नूर ¼2002½] ^^अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीति**] i`0 152-

11.   https://rbi.org.in, "Data on Overseas Investment".

12.   https://hi.m.wikipedia.org

13.   https://commerce.gov.in

14.   www.aseansecretiate.in

15.   www.vrindaindia.com

 

 

 

 

Received on 29.06.2023        Modified on 20.07.2023

Accepted on 19.08.2023        © A&V Publication all right reserved

Int. J. Ad. Social Sciences. 2023; 11(3):163-175.

DOI: 10.52711/2454-2679.2023.00025